मेरठ, अप्रैल 27 -- प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना केवल 594 किलोमीटर डामर और कंक्रीट का रास्ता भर नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के उन इलाकों के लिए विकास का नया सूर्योदय साबित हो सकता है, जो दशकों से औद्योगिक मानचित्र पर अपनी पहचान तलाश रहे थे। अधिकारियों की मानें तो ​इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खूबी इसका समावेशी विकास मॉडल है। यूपीडा और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला मेरठ को न केवल एक प्रमुख शैक्षिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में मजबूत कर रहा है, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास में भी लंबी छलांग लगा रहा है। यह भी पढ़ें- गुड न्यूज: बस दो दिन में खत्म होगा इंतजार, फिर मेरठ से प्रयागराज तक करें फर्राटेदार सफर अपनी रणनीतिक स्थिति और शानदार कनेक्टिविटी क...