भदोही, मार्च 23 -- भदाही, संवाददाता। वासंतिक नवरात्र आधा बीत गया। पूरा जनपद देवीमय नजर आ रहा है। मंदिरों में लोग दर्शन-पूजन कर रहे हैं। जबकि घरों में यज्ञ एवं हवन का आयोजन चल रहा है। रविवार को आदि शक्ति मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्मांडा देवी की आराधना किया गया। भक्ति गीतों से कालीन नगरी मातामय नजर आ रही है। धर्म शास्त्रों के जानकारी पंडित सुरेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि माता कुष्मांडा की आराधना करने से जातक को रोग, शोक और भय से मुक्ति मिलती है। माता भक्तों को लंबी आयु, यश और बल प्रदान करती है। माता की हल्की हंसी से ब्राह्मण की उत्पत्ति हुई थी। उसके आसपास सूर्य का घेरा रहता है। भागवान भाष्कर के तप को माता ही नियंत्रित करती हैं। देवी को गुड़हल का पुष्प प्रिय है। रविवार को सुबह से ही मंदिरों में आस्थावान नजर आने लगे थे। दिन चढ़ने के साथ ही ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.