शाहजहांपुर, अप्रैल 12 -- शाहजहांपुर। विश्व होम्योपैथिक दिवस पर शहर में आयोजित कार्यक्रम में होम्योपैथी पद्धति की उपयोगिता और बढ़ती जरूरत पर चर्चा की गई। बिसरात रोड पर स्थित एक होटल में चिकित्सकों ने डॉ. सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया और चिकित्सा पद्धति के वैज्ञानिक पक्ष पर विचार रखे। मोहन रिसर्च सेंटर के संचालक डॉ. रवि मोहन ने कहा कि वर्तमान समय में नई-नई बीमारियों के चलते एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम होता जा रहा है। ऐसे में होम्योपैथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, जिससे व्यक्ति अंदर से मजबूत बनता है। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में सूक्ष्म मात्रा में दवाएं दी जाती हैं, जिनके दुष्परिणाम भी नहीं होते और लंबे समय तक प्रभावी रहती हैं।कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि होम्योपैथ...
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