आजमगढ़, जनवरी 6 -- आजमगढ़, संवाददाता। भीषण ठंड और गलन के बीच रोडवेज बस स्टेशन परिसर में बने रैन बसेरे में मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे ताला लटकता मिला। अंदर 15 बेड पर गद्दे बिछे मिले, लेकिन चादर, तकिया और कंबल नहीं था। पूछने पर आरएम मनोज बाजपेयी ने बताया कि दिन में कोई मुसाफिर आकर नहीं रुकता है। इसलिए ताला बंद कर दिया जाता है। शाम छह बजे खोल दिया जाता है। अगर दिन में ताला खोल दिया जाएगा तो रेहड़ी, ठेला और फेरीवाले आकर कब्जा जमा लेते हैं। शौचालय के साथ ही अलाव की भी व्यवस्था है। गरीब और बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए जिले में 18 स्थानों पर अस्थायी रैन बसेरा बनाए गए हैं। रैन बसेरों में बिस्तर और ओढ़ने के लिए कंबल तो हैं, लेकिन कहीं भी हीटर और भोजन की व्यवस्था नहीं है। रैन बसेरों के आस-पास सुबह और रात के समय अलाव जलाए जा रहे हैं। गरीब, बेसहारा,...
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