उन्नाव, दिसम्बर 11 -- उन्नाव, संवाददाता। सर्दी की शुरुआत के साथ ही गरीबों के लिए हालात और भी सख्त होने लगे हैं। रैन बसेरों की स्थिति साल दर साल बिगड़ती गई और इस बार तो प्रशासन की उदासीनता ने बेबसी की हदें ही पार कर दी। शहर के कई हिस्सों में मजदूर, रिक्शा चालक और बाहर से आए लोग ओवरब्रिज, बस स्टैंड, रेलवे परिसर से लेकर दुकानों के फुटपाथ तक रात बिताने को मजबूर दिखे। नगर पालिका परिषद हर साल तीन रैन बसेरे चलाने का दावा करती है, जबकि जिला अस्पताल की ओर से दो बनाए जाते हैं। लेकिन इस बार नगर परिषद ने सिर्फ दो अस्थाई रैन बसेरे तैयार किए, और वे भी बिना पूरी व्यवस्था के हैं। किला और एबी नगर के स्थाई रैन बसेरों की हालत तो और भी दूभर है। एक में दशकों से निजी कब्जा और दूसरे में गार्ड की मनमानी। हिंदुस्तान की टीम ने रात 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चार प्र...