संतकबीरनगर, दिसम्बर 3 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। कड़ाके की ठंडक राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। दूर दराज के लोग हाईवे पर उतरने के बाद रात गुजारने के लिए ठौर की तालश करते हैं। ठंडक के इस मौसम में रैन बसेरा भी अभी बंद पड़ा है। उसकी खिड़कियां टूटी हुई हैं। यहां पर लोगों के रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। इसकी वजह से मुसाफिरों का दर्द और भी बढ़ जाता है। ठंडक के इस मौसम में देर रात के जिले में पहुंचने वाले रात गुजारने के लिए रैन बसेरा की तलाश करते हैं। वह हर हाल में रात गुजारना चाहते हैं। अभी तक मेंहदावल बाईपास चौराहे पर हाईवे के नीचे दस बेड का एक रैन बसेरा होता था और दूसरा बंजरिया मोहल्ले में। हाईवे का रैन बसेरा सौंदर्यीकरण के चलते समाप्त कर दिया गया है। बंजरिया मोहल्ले का रैन बसेरा अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके कक्ष पर ताला लगा हुआ है। खिड़...
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