पूर्णिया, जनवरी 3 -- भवानीपुर, एक संवाददाता। लाखों रुपये की सरकारी लागत से राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए रैन बसेरा आज स्वयं बदहाली का शिकार है। अतिक्रमण के कारण यह रैन बसेरा अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों खासकर महिला यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रैन बसेरा पर अतिक्रमण के कारण बस या अन्य वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है। महिला यात्रियों को मजबूरन दुकानों के सामने या सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है, जहां एक ओर दुकानदारों की झिड़कियां सुननी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे खड़े रहने में असहजता और शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सामूहिक रूप से आवाज उठाए जाने के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ....तीन प्रमुख रैन ब...
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