बलिया, जनवरी 31 -- बलिया। संत रैदास जयंती की पूर्व संध्या पर सम्यक जनचेतना फाउंडेशन की ओर से 'संत रैदास : समतामूलक समाज और आज का भारत' विषय पर विचार गोष्ठी हुई। इसका उद्देश्य संत रैदास के समतावादी श्रम-सम्मान और माय गरिमा आधारित दर्शन को आज के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में समझना और समाज में जनचेतना का निर्माण करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि संत रैदास का बेगमपुरा के आध्यात्मिक कल्पना नहीं, बल्कि जाति-विहीन, मय-विहीन और समान अधिकारों वाले समाज का स्पष्ट वैचारिक मॉडल है। इस मौके पर बृजेश, विरेन्द्र पासवान, हरिहर राम प्रधान, रवि राना, साहनी विरेन्द्र निषाद, अमरनाथ यादव, रामाशंकर राम आदि थे। अध्यक्षता बलंवल यादव एडवोकेट और संचालन शैलेश घुसिया ने किया।
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