उन्नाव, फरवरी 25 -- उन्नाव। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे में निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जगह-जगह सस्पेंशन-कम्पेशन प्वाइंट पर सड़क धंसने की घटना ने कार्यदाई संस्था की कार्यशैली की पोल खोल दी है। बुधवार को कार्यदाई संस्था ने रैंप पर बोल्डर डलवाकर आवागमन रोका। इसके बाद श्रमिकों की फौज लगाकर मरम्मत कार्य कराया। गंगा एक्सप्रेसवे जनपद में छह तहसीलों के 76 गांवों से गुजरा है। जनपद में इसकी लंबाई 105 किलोमीटर है। 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में इसकी आधारशिला रखी थी। पुरवा तहसील के चार, बांगरमऊ के 11, बीघापुर (पाटन) के 19, हसनगंज के सात, सदर तहसील के 15 और सफीपुर के 20 गांवों से होकर निकला है। एक्सप्रेसवे को जिले के लिए उपयोगी बनाने को लखनऊ-का...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.