गया, फरवरी 23 -- वीरांगनाओं की पावन धरती रेवई स्थित मध्य विद्यालय के प्रांगण में 'कहानी विद कॉफी' की 17वीं कड़ी का आयोजन किया गया। इस दौरान 'मुंडमाल' का पाठ और विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रसिद्ध कथाकार शिवपूजन सहाय द्वारा रचित कहानी 'मुंडमाल' वीरता, त्याग और राष्ट्रप्रेम की अद्भुत गाथा है। यह कथा मुगलों के आक्रमण के दौर में राष्ट्र की रक्षा, कर्तव्यनिष्ठा और प्रेम की सर्वोच्च पराकाष्ठा को उजागर करती है। कहानी यह संदेश देती है कि सच्चा प्रेम केवल देह तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समर्पण और बलिदान की चरम सीमा तक पहुंच सकता है। सेवानिवृत्त प्राचार्य शिव शंकर सिंह ने कहा कि यह कथा रेवई गांव के गौरवपूर्ण इतिहास को सामने लाती है। उन्होंने बताया कि 14वीं शताब्दी में इस गांव की लगभग सात सौ वीरांगनाओं ने आत्मसम्मान और नारी धर्म की रक्ष...
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