प्रयागराज, मार्च 31 -- रेलवे अब स्टेशनों के साथ यार्ड को भी छोटा और स्मार्ट बनाने की तैयारी में है। इसके लिए डायमंड क्रॉसिंग और सिजर्स क्रॉसओवर जैसे कॉम्पैक्ट लेआउट अपनाए जाएंगे। सामान्य क्रॉसओवर अधिक जगह घेरते हैं, जबकि नए लेआउट कम स्थान में पटरियों का बेहतर नेटवर्क उपलब्ध कराते हैं। इससे ट्रेनों को पटरी बदलने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी और यार्ड की लंबाई घटेगी। यार्ड छोटा होने से ट्रेनें जल्दी दिशा बदल सकेंगी, प्लेटफॉर्म खाली होने का इंतजार कम होगा और लेटलतीफी घटेगी। साथ ही रखरखाव खर्च कम होगा, जमीन का बेहतर उपयोग होगा और तकनीकी खराबियों की संभावना भी कम रहेगी।

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