कानपुर, जुलाई 6 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। रेलवे ने जनविश्वास अधिनियम में जहां कुछ मामूली घटनाओं में जेल जाने से राहत दी है, वहीं छोटे अपराधों को यदि कोई अपनी आदत में शामिल कर लेता है तो उसे कैद के साथ जुर्माना भी देना होगा। कैद औऱ जुर्माना की राशि भी बढ़ा दी है। आरपीएफ ने एक्ट के संशोधित कानून को प्रभावी भी कर दिया है। अभी तक प्लेटफार्मों या ट्रेनों में बिना लाइसेंस खानपान सामग्री बेचना अपराध था। आरपीएफ ऐसे लोगों को पकड़ रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करती थी। रेलवे मजिस्ट्रेट ट्रायल के बाद जुर्माना या कैद या फिर दोनों का एक साथ आदेश निर्गत करता था। आरपीएफ एक्ट की धारा 144 के तहत अवैध वेंडरी में पकड़े जाने वाले को दो हजार रुपये जुर्माना या तीन महीने सजा या फिर दोनों एक साथ होती थी। अब इस एक्ट में संशोधन किया गया है। बिना लाइसेंस खानपान ...