नई दिल्ली, दिसम्बर 21 -- संसद की एक समिति ने आगाह किया कि अगर रेलवे के माल ढुलाई गलियारों की योजना में चालक दल की कमी समस्या समय पर हल नहीं हुई तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। समिति की यह टिप्पणी रेल मंत्रालय के यह स्वीकार करने के बाद आई कि समर्पित माल ढुलाई गलियारा निगम (डीएफसीसीआईएल) के सामने ट्रेन संचालन में सबसे बड़ी चुनौती चालक दल की कमी है। मंत्रालय ने समिति को दी गई जानकारी में एक जून, 2025 तक भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन से जुड़े विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की संख्या के बारे में विवरण प्रस्तुत किया। मंत्रालय के अनुसार, लोको पायलटों के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 1,42,814 है, जबकि फिलहाल केवल 1,07,928 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने यह स्पष्ट किया कि चालक दल की कमी को शीघ्र दूर किया जाना चाहि...
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