सिद्धार्थ, अगस्त 15 -- उस्का बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। सन 1947 तक हमारे देश में लगभग ढाई शताब्दी तक अंग्रेजो का राज था। महान क्रांतिकारियों के साथ उस्का बाजार कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्र के रणबांकुरों ने देश की जंगे आजादी की लड़ाई लड़ा। सन 1942 ई. में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में पंडित सुभद्र नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में उस्का कस्बा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने जंगे आजादी की लड़ाई जबरदस्त तरीके से लड़ा। अंग्रेजो ने रेलवे गार्टर पर उस दौरान लाठी डंडे एवं कोड़े बरसाया था, जिसमे कई लोग लहूलुहान हो गये थे। इन क्रांतिकारियों की वीरता की कहानी अभी भी लोगो को जुबानी याद है। यह कहानी सुन आज भी लोगों का सीना गर्व से ऊंचा हो जाता है। यह भी पढ़ें- अतीत के पन्नों में दबी है अररिया के क्रांतिकारियों की अनकही कहानीक्रांतिकारियों की वीरता ...