लखनऊ, मार्च 24 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश ने रेलवे उत्पादन का बिना स्थलीय निरीक्षण किए फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर रेलवे को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाने के आरोप मे तत्कालीन सीनियर मटेरियल मैनेजर डीजल डिपो गोंडा भरत चौधरी एवं तत्कालीन एनईआर गोरखपुर के(एसीएमटी) राजेश कुमार शर्मा को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक को 90 हजार रुपए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।अभियोजन पक्ष से अदालत को बताया गया की सूचना के आधार पर 7 अगस्त 2014 को सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था। 2008 से लेकर 2013 के बीच आरोपी भरत चौधरी, कपिल देव शर्मा एवं राजेश कुमार शर्मा ने रिद्धि सिद्धि उद्योग फार्म के प्रोपराइटर रविंद्र कुमार भालोटिया से साजिश एवं षड़यंत्र करके बिना स्थलीय निरीक्षण के फर्जी प्रमाण पत...
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