रेलवे के गले की फांस बने 300 करोड़ के हाइब्रिड कोच, चार किमी की ट्रैक 7 साल से ठप
आशीष श्रीवास्तव, जून 27 -- Train News: करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए 154 हाइब्रिड कोच पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। तकनीकी खामियों के कारण सालों से बेकार खड़े इन कोचों को न तो ट्रेनों में शामिल किया जा सकता है और न ही उनकी निर्धारित परिचालन अवधि पूरी होने से पहले कंडम घोषित किया जा सकता है। जिसकी वजह से इसका असर दूसरे ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है। ऐसे में रेलवे बोर्ड से इस संबंध में दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। जर्मन तकनीक के हाइब्रिड कोच 2008-09 में एनईआर को आवंटित हुए। प्रति कोच कीमत करीब दो करोड़ रुपये थी। शुरुआत में तो सब ठीक रहा लेकिन कुछ साल बाद से ही छोटे-छोटे पुर्जों की वजह से एक-एक कर बोगियां खड़ी होती गईं। 2019 तक खड़ी होने वाली बोगियों की संख्या डेढ़ सौ का आंकड़ा पार कर गई। इन बोगियों की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.