रांची, अक्टूबर 15 -- रांची। वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता संबद्ध बोनस के नाम पर एक बार फिर रेलकर्मियों से छलावा किया गया है। यह बात दक्षिण-पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस महामंत्री एनएल कुमार ने कही। कहा कि मान्यता प्राप्त यूनियनें एआईआरएफ, एनएफआईआर हर बार रेल भवन में सरकार के साथ गुप्त सहमति कर लेती हैं और बाहर आकर कर्मियों को 78 दिन का हक बताकार लॉलीपॉप दिखा देती है। इसका मेंस कांग्रेस निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि बोनस की गणना वास्तविक वेतन पर हो। यह भी पढ़ें- बोनस में 7000 रुपये की सीलिंग खत्म करने की मांग, रेल यूनियन ने जताया विरोध यह भी पढ़ें- क्यों रेलवे कर्मचारियों को Rs.17951 और दूसरे केंद्रीय कर्मचारियों को Rs.6908 बोनस? जानिए वजह

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