रेलकर्मी की मौत से एक परिवार का सहारा छिन गया
कोडरमा, जुलाई 7 -- कोडरमा, हमारे प्रतिनिधि। बी. चंपिया केवल रेलवे के अधिकारी नहीं थे, बल्कि अपने परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद भी थे। उनकी बड़ी बेटी स्नातक की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा नौवीं कक्षा का छात्र है। वे अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर, अनुशासित और जिम्मेदार अधिकारी माने जाते थे। सितंबर 2025 में उनका तबादला धनबाद से कोडरमा मुख्य लोको निरीक्षक के पद पर हुआ था। मूल रूप से चाईबासा निवासी बी. चंपईया के माता-पिता आज भी वहीं रहते हैं, जबकि पत्नी और बच्चे धनबाद में रहते थे। ड्यूटी के कारण वे कोडरमा में किराए के फ्लैट में अकेले रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। यह भी पढ़ें- पत्नी ने रेल अधिकारी पर कराया केस, मारपीट और प्रताड़ना का आरोपपरिवार का दुख आज उनके पीछे माता-पिता, तीन भाई, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी का भरा-पूरा परिवार है, लेकिन उस परि...
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