बरेली, फरवरी 7 -- इज्जतनगर स्थित डीआरएम कार्यालय में शुक्रवार रात रेलकर्मी ताराचंद के परिजन उसका शव लेकर पहुंचे और अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजनों का कहना था कि फतेहगढ़ में तैनात एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) के लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण ताराचंद को ब्रेन हेमरेज हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई। संजयनगर के पास गोपालनगर निवासी 50 वर्षीय तारा चंद रेलवे के सिग्नल एंड टेलीकॉम (एसएंडटी) विभाग में लोहार पद पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती फतेहगढ़ में थी। ताराचंद के भतीजे भोला और पत्नी सावित्री का कहना है कि एसएसई द्वारा उनका तीन बार तबादला किया गया और लगातार दबाव बनाकर ड्यूटी कराई जाती रही। परिजनों का आरोप है कि 25 जनवरी को अवकाश के दिन भी उन्हें रात की ड्यूटी पर बुलाया गया। स्वास्थ्य खराब होने की ज...