नई दिल्ली, जुलाई 12 -- महाराष्ट्र की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने 14 साल की छात्रा से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोपी एक टेनिस कोच को बरी कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कथित घटना के बाद भी पीड़िता का सामान्य आचरण और बिना किसी शिकायत के उसी कोच से ट्रेनिंग जारी रखना, आरोपी के खिलाफ कानूनी तौर पर तय 'दोषी होने के अनुमान' को खारिज करता है। पॉक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने 10 जुलाई को यह आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि कथित घटना के बाद पीड़िता का जो व्यवहार रहा, उसने उसकी गवाही की विश्वसनीयता पर गहरा संदेह पैदा कर दिया है। ऐसी स्थिति में केवल पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराना सुरक्षित नहीं होगा।क्या था पूरा मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 2023 की है। नवी मुंबई के रहने वाल...