प्रमुख संवाददाता, मार्च 25 -- उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन यानी बिजली विभाग का राज्य के उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का बिल बकाया है। बिजली चोरी के मामले भी आए दिन पकड़े जाते हैं लेकिन बिजली चोरी पर ऐक्शन पर कई बार सवाल खड़े होते हैं। कभी छापा मारने वाली टीम अभद्रता का आरोप लगाती है तो कभी उपभोक्ता छापेमारी करने गई टीम पर जबरन फंसाने का इल्जाम लगाते हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के लिए पुख्ता इंतजाम करने के बाद शिकायतों में कमी आई है। कानपुर में बॉडी वॉर्न कैमरों की मदद से बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी शुरू हुई। जून 2025 में सबसे पहले यूपी में कानपुर से इसकी कवायद शुरू कराई गई थी। नए साल में बिजली चोरी पर रेगुलर रेड, राजस्व वसूली बढ़ने जैसे बेहतर नतीजे सामने आए हैं। केस्को प्रबंधन के पास रेड टीम की अवैध वसूली की शिकायतों में भी कमी आई है। पह...
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