रांची, मई 8 -- रांची, वरीय संवाददाता। शहर की पुरानी सामाजिक संस्थाओं में शामिल रांची रेडक्रॉस सोसाइटी इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। हालात ये हैं कि कई बार कर्मियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पाता। संस्था का मासिक खर्च करीब ढाई लाख रुपये तक पहुंच जाता है, जबकि आमदनी दो लाख रुपये से भी कम है। लगातार बढ़ते खर्च और सीमित संसाधनों के कारण संस्था की कई सेवाएं प्रभावित हो रही है। वर्तमान में रेड क्रॉस सोसाइटी में केवल होल ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। ब्लड सेपरेशन यूनिट नहीं होने के कारण एक यूनिट रक्त का उपयोग सिर्फ एक मरीज के लिए हो पाता है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि ब्लड सेपरेशन मशीन उपलब्ध हो जाए तो एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जरूरत पूरी की जा सकेगी। इससे पैक्ड सेल, प्लाज्मा और अन्य ब्लड कंपोनेंट भी मरीजों को उपलब्...