वाराणसी, मार्च 17 -- वाराणसी। आईएमएस बीएचयू की जूनियर रेजिडेंट के आत्महत्या का प्रयास करने के बाद संस्थान और अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। रेजीडेंट डॉक्टरों पर अतिरिक्त बोझ कम करने और काम के घंटे निर्धारीत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। विभागाध्यक्षों की बैठक में गहन विचार विमर्श के बाद यह तय हुआ कि रेजीडेंट सप्ताह में 74 घंटे से अधिक काम नहीं करेंगे। इसके अलावा आपात स्थिति में भी उनसे लगातार 24 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जाएगा। रेजिडेंट सात से आठ घंटे नींद लें इसका ध्यान रखा जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष इनके विश्राम के लिए जगह आवंटित करेंगे। मरीजों के रक्त और अन्य सैंपल नर्सिंग स्टाफ दिन में दो बार लेंगे। आईएमएस में सोमवार को सभी विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें रेजिडेंट से लेकर मरीजों तक के लिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है।...