नई दिल्ली, जून 2 -- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वे रूसी तेल से संबंधित लाइसेंस वेवर को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं। यह वेवर उन देशों को अस्थायी राहत देता है जो रूस से तेल खरीदते हैं, खासकर यूक्रेन युद्ध के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद। भारत इस वेवर पर काफी निर्भर है क्योंकि वह रूसी कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा विशेष रूप से भारत के खिलाफ नहीं है, बल्कि रूस पर यूक्रेन युद्ध के लिए लागत थोपने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका से बातचीत में अतिरिक्त रूसी तेल खरीद न करने की प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि मौजूदा करार पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। यह भी पढ़ें- बोलने का हक नहीं... किस बात पर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा, EU को भी नहीं छोड़ा भारत के लिए यह ...