नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। रूस से कच्चे तेल की खरीद करने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाले विधेयक को अमेरिकी संसद की मंजूरी ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि जल्दबाजी में घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस अधिकार का उपयोग करते हैं, तो भारत सहित पूरी दुनिया पर असर पड़ेगा। यह भी पढ़ें- भारत अपने नागरिकों के हित में विविध स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगाकरीब 90 फीसदी आयात भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसमें रूस की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई है। भारत ने अगस्त में प्रतिदिन 1.9 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल खरीदा है। इसकी एक बड़ी वजह रूस का कच्चे तेल की खरीद पर छूट देना भी है। हालांकि, सितंबर के पहले पखवाड़े में रूस से आयात में मामूल...