गुरुग्राम, अप्रैल 18 -- गुरुग्राम से सटे हरियाणा के रेवाड़ी के काठुवास गांव में शुक्रवार उस समय मातम छा गया, जब एमबीए की पढ़ाई करने रूस गए 22 वर्षीय अंशु का शव ताबूत में लिपटकर घर पहुंचा। गांव के श्मशान घाट पर कटर मशीन से ताबूत को खोला गया। उसमें में अंशु के शव के साथ-साथ उसकी रूसी सेना की वर्दी और जूते भी साथ भेजे गए। पिता का कहना है कि दलालों ने छात्र को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराकर मौत के मोर्चे (रूस-यूक्रेन युद्ध) पर झोंक दिया। पिता ने अपनी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाकर जिस बेटे को पढ़ने के लिए विदेश भेजा था, उसकी अर्थी उठते देख पूरे गांव का कलेजा फट गया। अंशु के बड़े भाई मोहित ने नम आंखों से अंशु की चिता को मुखाग्नि दी। लोगों का कहना था कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन दलालों की साजिश का नतीजा है, जिन्होंने शिक्षा के न...