रूस की नौकरी ने दिया जीवन भर का दर्द
आजमगढ़, जुलाई 20 -- आजमगढ़, संवाददाता। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ते समय रूस में मारे गए जिले के दो युवकों के घरों में रविवार को भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा। इस सन्नाटे को रह-रहकर परिजनों की सिसकियां भेद रही थीं। रौनापार थाना क्षेत्र के महड़ौर का पूरा (अराजी देवारा करखिया) गांव में निवासी 42 वर्षीय अरविंद और कंधरापुर थाना क्षेत्र के खोजापुर माधोपट्टी गांव निवासी योगेंद्र यादव समेत अन्य युवकों को प्लंबर और सुरक्षा गार्ड की नौकरी का झांसा देकर जनवरी 2024 में रूस भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि रूस में सेना की ट्रेनिंग देने के बाद उन्हें यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में उतार दिया गया। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मारे गए हुए अरविंद के भाई वरुण कुमार ने बताया कि भाई के निधन की खबर उन्हें तीन माह पूर्व ही मिल गई थी। गांव के ही रामचंद्र का शव एक माह पूर्व...
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