हजारीबाग, फरवरी 3 -- हजारीबाग के चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है, वहीं दो को ठोस सबूत नहीं मिलने पर बरी कर दिया। सोमवार को मामले की सुनवाई कर रही विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने दोषियों को सजा सुनाने के लिए पांच फरवरी की तिथि निर्धारित की है। कोर्ट में अभियुक्तों की पेशी जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। रूपेश की हत्या में कोर्ट ने जिन्हें दोषी पाया है, उनमें मो. असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पु मियां, मो. कैफ और मो. गुरफान शामिल हैं। ठोस साक्ष्य के अभाव में मो. इरफान और इश्तेखार मियां को कोर्ट ने बरी कर दिया, जबकि एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई हजारीबाग स्थित जेजे बोर्ड में लंबित है। छह फरवरी 2022 को शाम पांच बजे 18 वर्षीय रूपेश पांडेय अपने चाचा ...
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