पूर्णिया, जुलाई 12 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल से मानसून रूठ गया है। पहले जून से जारी मानसून पीरियड में सुखाड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसान आसमान की नजर बनाए हुए हैं, लेकिन इंद्र भगवान की कृपा नहीं हो रही है। ऐसे में बरसात के समय लोगों को प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ रहा है और किसानों को खेतों में धान की रोपनी करने के लिए निजी स्तर पर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। मालूम हो कि 1 लाख हेक्टेयर के करीब धान की खेती होनी है जिसमें अभी तक 50 फ़ीसदी भी रोपनी नहीं हुई है। लोग बताते हैं कि जुलाई महीने में कम से कम 200 मिली मीटर वर्षा होनी चाहिए जिसमें काफी कम वर्षापात हुई है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो धान की खेती प्रभावित होकर रह जाएगी। एक अन्य जानकारी के अनुसार पूर्णिया जिले में अब तक 117 मिली मीटर वर्...
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