नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। वैश्विक तनाव और ईरान युद्ध के बाद अब भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। गुरुवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर के पार पहुंच गया। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है क्योंकि रुयये में गिरावट से आयात महंगा होगा और उससे आने वाले दिनों में महंगाई भी बढ़ सकती है। रुपये में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है। इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। गुरुवार को इंडियन बास्केट के हिसाब से करीब साढ़े तीन फीसदी की मजबूती के साथ कच्चे तेल की कीमतें 116.5 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई है। ईंधन म...
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