नई दिल्ली, मई 19 -- मुंबई। रुपया मंगलवार को कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 96.60 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक टूटने के बाद अंत में 96.52 (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह इसका सबसे निचला बंद स्तर है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति, मजबूत डॉलर से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। रुपया 2026 में एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है। इस महीने अबतक इसमें 1.5 प्रतिशत और इस साल सात प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से निर्यात और खाड़ी देशों से आयात में बाधा आने के कारण रुपये की स्थिति अब भी 'नाजुक' बनी हुई है। यह भी पढ़ें- डॉलर की नहीं, पाकिस्तान के मुकाबले भी गिरा भारत का रुपया? जानिए पिछले 10 साल का हाल

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