नई दिल्ली, मार्च 20 -- नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को 82 पैसे टूटकर अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर 93.71 पर पहुंच गया है, जिससे अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की निकासी को रुपये की गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है। रुपये की इस कमजोरी से किस पर क्या असर होगा, आइये जानते हैं.. आयात महंगा, बढ़ेगा महंगाई का दबावरुपये की कमजोरी का सबसे सीधा असर आयात पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा-खासकर कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीनरी-विदेशों से मंगाता है। ऐसे में डॉलर महंगा होने से इन वस्तुओं की लागत बढ़ जाती है। इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे परिवहन महंगा होगा और रोजमर्रा की व...
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