रुद्र महायज्ञ में गूंजी एकादशी व्रत की महिमा
सिद्धार्थ, जून 7 -- बिस्कोहर, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर क्षेत्र के अहिरौली पड़री गांव में आयोजित रुद्र महायज्ञ के प्रथम दिन संगीतमयी कथा का आयोजन हुआ। अयोध्या से आए कथा व्यास राकेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को एकादशी व्रत की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि एकादशी सभी व्रतों में सर्वोच्च मानी गई है और इसे व्रतों का राजा कहा जाता है।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि एकादशी केवल उपवास या कठोर नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन और निश्छल भक्ति का पर्व है। भगवान वैभव के नहीं, बल्कि भाव के भूखे होते हैं। जब कोई भक्त सच्चे मन से प्रभु को पुकारता है, तो स्वयं भगवान उसकी सहायता के लिए तत्पर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कथा हमें सिखाती है कि एकादशी व्रत केवल शारीरिक तपस्या नहीं, बल्कि मन और हृदय के शुद्धिकरण का माध्यम है। यदि व्यक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.