रुडकी, मार्च 7 -- सिविल अस्पताल में पिछले दो दिनों से अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पूरी तरह खत्म हो गई है, जिसके कारण कुत्ते के काटने का शिकार हुए मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी अस्पताल पहुंचे 50 से अधिक लोग बिना टीका लगवाए ही निराश होकर घर लौट गए। अस्पताल में वैक्सीन न होने का सबसे बुरा असर गरीब तबके के मरीजों पर पड़ रहा है। इब्राहिम, दौलतराम, घनश्याम, इमरान और सुलेमान जैसे मरीजों ने कहा कि बाहर मेडिकल स्टोर पर एक इंजेक्शन की कीमत 350 रुपये है। नियमानुसार, रेबीज से बचाव के लिए एक मरीज को कम से कम तीन से चार डोज लगवानी पड़ती है। ऐसे में एक गरीब परिवार के लिए हजार रुपये से अधिक का खर्च उठाना नामुमकिन साबित हो रहा है। मरीजों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल इसी उम्मीद में आते हैं कि उन्हें मुफ्त इलाज मिलेगा, ल...