रुक्मिणी हरण का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
संभल, जून 7 -- गीता सत्संग भवन में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को कथा वाचक ने रुक्मिणी का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा वाचक जगद्गुरु स्वामी अनंत शर्मा देवाचार्य ने बताया कि कुंडिनपुर के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणी थी। उनका भाई रुक्मी था जिसने अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से तय किया था। किंतु रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण के विवाह करना चाहती थी। इसलिए उन्होंने एक ब्राह्मण को दूत बनाकर द्वारिका भेजा। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण कुंडिनपुर नगरी पधारे और वहां से रुक्मिणी का हरण कर लिया। इसके बाद द्वारिका जाकर राजा उग्रसेन से अनुमति लेकर भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह किया। इस अवसर पर पंकज सर्राफ, पराग बंसल, अनिल कुमार, राकेश कुमार, सुधांशु रस्तोगी, विनय अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, सुशी...
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