बस्ती, अप्रैल 5 -- बस्ती, निज संवाददाता। बस्ती कांवरिया संघ की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह, गोवर्धन पर्वत उठाने, दहेज प्रथा को रोकने व प्रभु से संबंध जोड़ने का प्रसंग का वर्णन किया। शनिवार को कथा व्यास शिवबली चौबे ने बताया रुक्मिणी विवाह की कथा वास्तव में प्रेम, भक्ति और सत्य की जीत का प्रतीक है। भगवान कृष्ण-रुक्मिणी की प्रेम कहानी हमें सिखाती है कि सच्चा प्रेम और भक्ति हमेशा जीतती है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी विकट क्यों न हो। उन्होंने आगे कहा कि, रुक्मणी भगवान कृष्ण से प्रेम करती थी, लेकिन उसके भाई रुक्म ने उसका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था। रुक्मणी के विवाह के दिन शिशुपाल के साथ लड़ाई कर रुक्मणी को अपने साथ ले गए। कथा व्यास ने बताया कि स्त्री या पुरुष को निर्वस्त्र स्नान नहीं करना चाहिए। इस दौरान विवेक गिरोत्रा, ...