सराईकेला, मार्च 24 -- खरसावां, संवाददाता खरसावां के बेहरासाई सामुदायिक भवन में रामकृष्ण कथा समिति के द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के छठे दिन राजकुमारी रुक्मिणी के प्रेम और विवाह प्रसंग का बखान हुआ। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में बडी संख्या में लोग शामिल होकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कथावाचक रजत रसराज महाराज ने कहा कि रुक्मणी विवाह का प्रसंग केवल एक प्रेम कथा नहीं है, बल्कि यह ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति का प्रतीक है। रुक्मिणी, जो स्वयं लक्ष्मीजी थीं, नारायण (श्रीकृष्ण) से दूर नहीं रह सकती थीं, और यह कथा उनके दिव्य मिलन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि रुक्मणी विवाह (रुक्मिणी कल्याणम) भागवत पुराण में वर्णित श्रीकृष्ण और विदर्भ राजकुमारी रुक्मिणी के प्रेम और विवाह की एक रोमांचक कथा है। रुक्मिणी, जिन्हें लक्ष्मीजी का अवतार म...