इटावा औरैया, जून 21 -- महेवा। ग्राम आनेपुर स्थित मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। आचार्य शिवाकांत तिवारी ने महारास के पांच अध्यायों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि ये पांच अध्याय भागवत के पंच प्राण हैं। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान और कंस वध का वर्णन किया गया। इसके साथ ही महर्षि सांदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करने का प्रसंग also सुनाया गया। कालयवन वध और उद्धव-गोपी संवाद का भी उल्लेख हुआ। आचार्य तिवारी जी ने ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाने, द्वारका की स्थापना और रुक्मणी विवाह के प्रसंग का व्याख्यान किया।

श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी भक्तों को आनंदित किया। आचार्य ने कहा कि जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित ...