बदायूं, फरवरी 26 -- बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम वनबेहटा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथावाचक यतेंद्र ठाकुर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। बताया, विदर्भ नरेश भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण के गुणों को सुनकर उन्हें पति रूप में स्वीकार कर लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मणी ने विवाह शिशुपाल से तय कर दिया। तब रुक्मणी ने ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। भक्त की पुकार पर श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मणी का हरण कर द्वारका ले गए, जहां विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ। राजीव सिंह, महावीर सिंह, दिग्विजय सिंह सिसोदिया, हरिभान सिंह, राजवीर सिंह, उदय भान सिंह, भानुप्रताप सिंह आदि उपस्थित रहें

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