रुक्मणी विवाह महोत्सव का हुआ सजीव मंचन
गाजीपुर, मई 22 -- गाजीपुर। श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ राणीसती श्याम भक्त मंडल की ओर से शुक्रवार को अग्रसेन मैरेज हाल झुन्नू लाल चौराहा पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ के छठवें दिन वृदावन से पधारे संत संजय शर्मा ने रुक्मणी विवाह महोत्सव का कथा व सजीव मंचन कराया। जिसमें विदर्भ के राजा भीष्मक की एक कथा सुनने को मिलती है। भीष्मक के 5 पुत्रों के अलावा, उनकी एक पुत्री भी थीं, रुक्मणी। अत्यंत सुंदर, बुद्धिमान और सदाचारी व्यवहार वाली रुक्मणी, बचपन से ही श्रीकृष्ण की साहस और वीरता की कायल थीं। ऐसा भी कहा जाता है, कि उन्होंने श्रीकृष्ण द्वारा कंस के वध को भी साक्षात देखा था। देवी रुक्मणी के पिता और भाई रुक्मी का संबंध, सदैव श्री कृष्ण का अहित चाहने वाले जरासंध, कंस और शिशुपाल से था। यही वजह थी, कि रुक्मणी का विवाह श्री कृष्ण से होना संभव नहीं था। जब र...
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