कन्नौज, अप्रैल 16 -- छिबरामऊ, संवाददाता। वेदांताचार्य पं.राज नारायण दीक्षित ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान रुक्मणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनाते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के दिव्य प्रेम, समर्पण और आस्था को बड़े ही सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। पंडित दीक्षित ने बताया कि रुक्मणीजी ने श्रीकृष्ण को अपने मन, वचन और कर्म से पति रूप में स्वीकार किया था और उनके प्रति अटूट श्रद्धा रखी। उन्होंने प्रसंग के माध्यम से यह भी समझाया, कि सच्चा प्रेम और विश्वास हर बाधा को पार कर सकता है। रुक्मणी हरण और विवाह की कथा सुनते समय श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में छठवें दिन सुनाया कंस वध और रुक्मिणी विवाह प्रसंग कथा स्थल पर उपस्थित लोगों ने भजन-की...