जमशेदपुर, फरवरी 11 -- जमशेदपुर। केंद्रीय बजट 2026 में युवाओं के लिए डिजिटल और रचनात्मक क्षेत्रों पर विशेष जोर दिए जाने को लेकर नई बहस छिड़ गई है। वित्तीय मामलों के जानकार डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि स्कूलों-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स, एनीमेशन, गेमिंग, एआई और डीप-टेक फेलोशिप के लिए Rs.250 करोड़ का प्रावधान युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में अहम कदम है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 20 लाख पेशेवर तैयार करना है।डॉ. मलिकराम ने कहा कि 'रील बनाना' तुच्छ नहीं, बल्कि रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और उद्यमिता से जुड़ा कौशल है। हालांकि उन्होंने चेताया कि लोकप्रियता को ही सफलता का मानक बनाने से शिक्षा की गहराई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चीन के कौशल-आधारित मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को ट्रेंड नहीं, दीर्घकालिक रणनीति...
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