प्रयागराज, मार्च 29 -- एसआरएन अस्पताल में मिर्जापुर की एक तीन वर्षीय बच्ची की रीढ़ की हड्डी का जटिल ऑपरेशन करके नया जीवन दिया गया। ऑपरेशन न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी टीम ने किया। ऑपरेशन के दौरान माइक्रोड्रिल के जरिए बीच की हड्डी को हटाया गया। साथ ही विभाजित नसों को मध्य में संगठित करके एकल स्पाइनल कॉर्ड का पुनर्निर्माण किया गया। मरीज की बची हुई हड्डियों से नस के ऊपर रीढ़ की हड्डी को जोड़ा गया। डॉ. गुप्ता के अनुसार बच्ची न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट या स्पाइनल डिसरैफिज्म से पीड़ित थी। यह बहुत ही दुर्लभ बीमारी मानी जाती है। इसमें रीढ़ की हड्डी पीछे की तरफ बढ़कर रीढ़ की नस को दो भागों में विभाजित कर देती है। इससे पैरों की ताकत घट जाती है और उसका मल-मूत्र का नियंत्रण भी बाधित हो जाता है। प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय, उप-प्रधान...