रिहायशी मकानों में चल रहे अस्पताल, हादसे के बाद ही जागता है सिस्टम
गोरखपुर, जून 5 -- गोरखपुर। प्रमुख संवाददाता। महानगर में सैकड़ों की संख्या में अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक अब भी ऐसे आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवा भवनों के लिए निर्धारित मूलभूत मानकों तक को पूरा नहीं करते। संकरी गलियों, अपर्याप्त पार्किंग और सीमित पहुंच मार्ग वाले इन संस्थानों पर प्रशासन की निगरानी अक्सर किसी हादसे या शिकायत के बाद ही सक्रिय होती है। नई भवन उपविधियों में अस्पतालों के लिए भूखंड, सड़क की चौड़ाई और पार्किंग के स्पष्ट मानक तय होने के बावजूद जमीनी स्तर पर इनके पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई नर्सिंग होम, छोटे अस्पताल और क्लीनिक ऐसे आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त खुला स्थान है, न पार्किंग की व्यवस्था और न ही आपातकालीन वाहनों के लिए सुगम पहुंच मार्ग। यह भी पढ़ें- फ...
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