गोरखपुर, मई 31 -- गोरखपुर। प्रमुख संवाददाता भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाने में तैनात रहे तत्कालीन उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली। प्रभारी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता दीपक गिरी ने जुलाई 2025 में एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक आलोक सिंह कर रहे थे। आरोप है कि विवेचना में चार्जशीट लगाने के नाम पर उन्होंने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत का ऑडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे जनवरी 2026 में सार्वजनिक किया। यह भी पढ़ें- सरकारी दफ्तर आदेश बेचने की दुकान नहीं, यूपी की इस फरार महिला BSA की अग्रिम जमानत याचिक...