रिश्तों में बढ़ती दूरियां, अपनत्व की बुनियाद कर रहीं कमजोर
प्रयागराज, जून 6 -- प्रयागराज। दो जून को साउथ मलाका में बेटे ने ही दोस्त के साथ मिलकर माता-पिता व बहन का कत्ल कर दिया। साथ ही दौलत की हवस से दोस्त का भी मार डाला। 23 मई को मऊआइमा के महली गांव में छोटे भाई ने बड़े भाई संतोष विश्वकर्मा को फावड़े से मौत के घाट उतार दिया। वहीं 13 मई को हंडिया, उतराव के सुंदरपुर में बेटे ने पिता दया राम यादव को फावड़े से काट डाला। पिछले कुछ दिनों में इस तरह की जो खौफनाक वारदातें सामने आईं, उससे लगता है कि खून के रिश्तों से ही विश्वास उठने लगा है।
साउथ मलाका में हत्याकांड क्योंकि जिन रिश्तों पर सबसे ज्यादा विश्वास रहता है वही कातिल निकले हैं। साउथ मलाका में हुई हत्याकांड में तो पारिवारिक विघटन व संवादहीनता के कारण आग के घर में भड़कने से खून के रिश्तों को कलंकित कर दिया। इस बारे में समाजशास्त्रियों व मनोवैज्ञान...
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