नई दिल्ली, जनवरी 21 -- आचार्य प्रेमानंद जी महाराज लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों के जरिए अपने संत संग में जीवन का गहरा और असल मतलब समझाने की कोशिश करते हैं। उनके उपदेशों में कई ऐसी बातें छिपी हुई होती हैं, जो व्यक्ति के असल जीवन को सरल और खुशनुमा बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। यूं तो प्रेमानंद जी महाराज संत संग सुनने आए लोगों से हमेशा कहते हैं कि रिश्ते जीवन को संवारने के लिए होते हैं, लेकिन अगर यही रिश्ते आत्मा घायल करके मन की शांति छीनने लगें तो प्रेमानंद जी महाराज की सलाह है कि ऐसे रिश्ते, जिसकी वजह से आपका आत्मसम्मान कमजोर होता हो, आपके लिए खुद को उस रिश्ते से मुक्त कर लेना ही सच्चा धर्म बन जाता है। आइए जानते हैं जब रिश्ते बोझ बनने लगे तो प्रेमानंद महाराज लोगों को क्या सलाह देते हैं। यह भी पढ़ें- पार्टनर से हो कितना भी प्यार, पुर...