रिश्तेदारों को करना था भंडारा, उससे पहले पानी के बहाव में बह गई सावित्री
सहारनपुर, मई 30 -- सहारनपुर। सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी में गुरुवार रात आए तेज पानी के बहाव ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र के गांव गिदाहवली कला निवासी 60 वर्षीय सावित्री पत्नी स्वर्गीय चंद्रभान भी इस हादसे का शिकार हो गईं। वह परिवार और रिश्तेदारों के साथ मां शाकंभरी देवी के दर्शन करने तथा भंडारे में शामिल होने आई थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। परिजनों के अनुसार परिवार के सदस्य मोनू ने मां शाकंभरी देवी के दरबार में भंडारा करने की मन्नत मांगी थी। उसी मन्नत को पूरा करने के लिए शुक्रवार सुबह भंडारे का आयोजन होना था। गुरुवार रात करीब नौ बजे सावित्री अपने रिश्तेदार तिलकराम, भतीजे दीपक, रिश्तेदार गौतम और पौत्र कन्हैया व अमित के साथ शाकंभरी पहुंची थीं। सभी लोग...
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