रिलायंस और विकास
नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- लंबे समय से देश में सबसे अव्वल रहे टाटा समूह का 28 अक्तूबर, 2026 को रिलायंस समूह से पिछड़ जाना एक निर्णायक घटना है। रिलायंस समूह को यह बादशाहत अपनी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयर के सूचीबद्ध होते ही हासिल हुई है। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ या शेयर सौदा है और इससे रिलायंस की डिजिटल और दूरसंचार इकाई का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 12.50 ट्रिलियन रुपये हो गया है। एकल कंपनी के रूप में देखें, तो जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी हो गई है और पहले स्थान पर भी रिलायंस इंडस्ट्रीज ही है। बड़ा बदलाव यह हुआ है कि एयरटेल को पछाड़कर जियो देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध दूरसंचार ऑपरेटर बन गई है। ध्यान रहे, जियो को देश में नंबर वन दूरसंचार कंपनी बनने में महज दो दशक लगे हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि रिलायंस सम...
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