पीलीभीत, मार्च 23 -- स्कूलों और दफ्तर में जाने वाले कागजों के रिम के दामों में उछाल आ गया है। बीस फीसद तक कागज पर दाम बढ़ने से कॉपियों की मोटाई कम हो गई है। आलम यह है कि पहले जो कॉपियां सौ पेज की होती थी। उनमें से पन्ने कम कर दिए गए हैं। सौ पन्ने वाली कॉपियां अब 96 पेज की मिल रही हैं। कॉपियां काफी पतली होने से अभिभावक पूछताछ भी कर रहे हैं। नया शिक्षण सत्र करीब आ गया है। ऐसे में महंगाई की मार को लेकर जब पड़ताल की गई तो इसके असर से स्टेशनरी कारोबार भी अछूता नहीं रहा है। हांलाकि इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से है। पूर्व में लागू पांच, बारह और 18 फीसद वाली जीएसटी में बदलाव किए जाने से इस इंडस्ट्री को कुछ राहत मिल चुकी है। कागज को 18 फीसद जीएसटी वाले दायरे में लाए जाने से इसका असर कॉपी किताबों पर पड़ा है। पर स्टेशनरी कारोबारियों का स्पष्ट कहना है क...